दो अश्क से बनी समंदर , समंदर से बनी सदा बहार ।
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Thursday, June 21, 2012


~ ~ वृन्दावन का नज़ारा ~ ~

 हर सुबह वृन्दावन का नज़ारा , चिड़ियों का चहकना , मंदिरों की घंटी का आवाज़ , सत पुरुषों का सत्संग जैसे भक्ति रस घुल रहा हो ; हर आत्मा उस में मगन हो यह है खूबसूरती वृन्दावन धाम की | जहां हर बच्चा राधा कृष्ण जी का स्वरुप है , जहां पढाई का पहला अक्षर भगवान् श्री हरी जी के नाम से है | यमुना जी का कल कल करता पानी, फल से लदे वृक्ष, फूलों के झुण्ड, भवरों की गुंजन, हरी नाम की रास लीलाओं के गान ; हर आत्मा को श्री राधा कृष्णा जी से जोड़ देता है |

 कोई गिरिराज की परिक्रमा कर रहा है तो कोई वृन्दावन की; कोई जा रहा है निधिवन तो कोई वंशीवट; कोई मदन टीर तो कोई मान सरोवर ; कोई भागवत वाच रहा है तो कोई गीता ; कोई भक्तों को भगवान की कथा सुना रहा है तो कोई भगवान् के मीठे भजन गा रहा है; ऐसा लगता है की सब तन मन धन से भगवान के श्री चरणों में अर्पित हो गए हों | ऐसा नज़ारा है हमारे वृन्दावन धाम का ।

 कोई सुबह सुबह मंदिर की सीडियां धो रहा है तो कोई प्रसाद बाँट रहा है; कोई कीर्तन कर रहा है तो कोई दर्शन खुलने का इंतज़ार कर रहा है | कोई दर्शन करके उस में मगन हो रहा है तो कोई पद्यावाली लिखने में व्यस्त हो रहा है ; कहीं मंदिर में फूल श्रींगार बन रहा है तो कहीं भोग बन रहा है | ऐसा लगता है जैसे आठों पहर भगवान् से शुरू हो कर भगवान् पर ही ख़तम हो जाते हैं | वक़्त कब ख़तम हो जाता है ये किसी को पता ही नहीं चलता है ।

 ना किसी को अपनी अवस्था का ध्यान है न ही किसी को अहंकार है न ही कोई झगडा लड़ाई है सब मिल झूलकर निः स्वार्थ प्रेम जगा रहे है अपने और दूसरों के दिल में और समय का यह है सुन्दर नज़ारा इस वृन्दावन धाम की | जहां किस रूप में भगवान् मिल जाएँ कुछ पता नहीं ; ऐसी अद्भुत धरती को हम शत शत नमन करते हैं |

 श्री राधा कृष्ण
 घुंगराले केश, कमल नयन, श्याम वरन, मोहिनी चितवन, मीठी मुस्कान, गले में वय्जंती माला, जिनके शीश पर विराजे मोर मुकुट, तन लहराए पीत पीताम्बर, चरणों में नुपुर, हाथों में बांसुरी लिए यह नटखट गोपाल जिसे हर गोप गोपी प्रेम से कान्हा बुलाये- वह सब का चित चुरा लेते हैं |
 भोली भाली, चन्द्र वदन, चंचल नयन, सुन्दर मोहिनी स्वरुप, गौर वरन, मधुर मुस्कान, मन मोहिनी, रसिक वन्दिनी, शीश चंद्रिका धारिणी, कनक समान शोभ्यमान, भूषण बिना विभूषित वृन्दावन धाम की अधिष्टात्री देवी हमारी श्री राधा रानी हैं |

 यहाँ नित्य किशोर और नित्य किशोरी श्री राधाकृष्ण एक प्राण दो देह हैं | श्री राधा रानी जिनकी चरण धूलि भी अत्यंत दुर्लभ है; हर सखी के हृदये में विराजती हैं |
 श्री हित हरिवंश महाप्रभु द्वारा - श्री हित चतुरासी जी का एक वाक्य -
 .......श्री हरिवंश सुरीति सुनाऊं श्यामा श्याम एक संग गाऊँ, राधेश्याम एक संग गाऊँ ; राधा संग नाम बिना नहीं श्याम , श्याम बिना नही राधा नाम.....

 हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे , हरे रामा हरे रामा , रामा रामा हरे हरे !!

 ~ ~ जय श्री राधे कृष्ण ~ ~

 ~ ~ सदा बहार ~ ~

~ ~ ~ ~ ~ ~ इजाज़त ~ ~ ~ ~ ~ ~

 कान्हा आपकी दोस्ती हम इस तरह निभाएंगे ,
 आप रोज़ खफा होना हम रोज़ आपको मनाएंगे ,
 पर कान्हा मान जाना मनाने से , मत सताना मुझको ,
 वरना ये भीगी पलकें लेकर हम कहा जायेंगे ,
 कान्हा आपके बिना हम एक पल न जी पाएंगे ,
 हम निभाएंगे ये रिश्ता मरते दम तक कान्हा ,
 हसाएंगे आपको ख़ुशी से गम तक ,
 कान्हा कभी हमसे रूठ न जाना ,
 साथ रहना हमारे आखरी दमतक ,
 विश्वास रखना कान्हा अपनी राधा पर ,
 कभी हम पर अहंकार न दिखाना कान्हा ,
 अहंकार हमारे जीवन का दुश्मन है , मुझे आप पर गर्व है कान्हा ,
 आपके जैसा प्यारा स्वामी और जग में दूसरा कोई नहीं ,
 हम लूटायेंगे इस कदर प्यार आप पर कान्हा ,
 एक बार आजमा के देख लीजिये अपनी राधा रानी को ,
 अगर मौत बुलाएगा तो कह देंगे ,
 कान्हा अगर इजाज़त देंगे तो ही हम आयेंगे ।

 ~ ~ ~ ~ ~ ~ सदा बहार ~ ~ ~ ~ ~ ~

~ बिना सावन के उजड़ा चमन ~

 ओ कान्हा प्यारे.....
 ओ रोये मेरा ये तन मन ,
 ओ मेरी सांसों की सरगम , सिसकते रहे ये हरदम ,
 ओ दिन रात तुझे पुकारता हे ये मेरा तन मन ,
 ओ कान्हा प्यारे......

 तेरे ही बाहों में ज़िन्दगी मेरी बीती है ,
 सदा बहारों में खिलती गयी मेरी जिंदगानी ,
 फिर आंधी ऐसे आई , टूटी बहारों की कलि ,
 बिना सावन के उजड़ गई चमन ,
 ओ कान्हा प्यारे......

 कैसे सुहानी बनेगी ये मेरी बगिया जिंदगानी की ?
 कैसे खिलेंगे कलियाँ मेरे मन के जिंदगानी में ?
 कैसे आइयेंगे बरसात की बहार ?
 कैसे भरेगा मेरा उजड़ा हुआ दिल का चमन ?
 और कैसे खिलेंगे फिर से ये सदा बहार ?
 ओ कान्हा प्यारे......

 ओ कान्हा प्यारे में तेरी कैसे बनूँगी दुल्हनिया ?
 मुझको पास बुलाले ओ कान्हा प्यारे ,
 मेरी सांसों की सरगम , सिसकते रहे ये हरदम ,
 तरसे तेरे दरस को ये नयन ,
 ओ कान्हा प्यारे......

 ~ ~ सदा बहार ~ ~

 ~ Bina Saavan Ke Ujda Chaman ~

 O Kanha Pyaare......
 O Roye Mera Tan Man ,
 O Meri Saanson Ki Sargam , Sasakte Rahe Ye Hardum ,
 O Din Raat Tujhe Pukaarta Mera Ye Man ,
 O Kanha Pyaare......

 Tere Hi Baahon Me Zindagi Meri Beeti Hai ,
 Sadah Bahaaron Me Khilti Gayi Meri Zindagaani ,
 Fir Aandhi Aise Aai , Tooti Bahaaron Ki Kali ,
 Bina Saavan Ke Ujad Gayi Chaman ,
 O Kanha Pyaare......

 Kaise Suhaani Banegi Ye Meri Bagiya Zindagaani Ki ?
 Kaise Khilenge Kaliyaan Mere Man Ke Zindagaani Me ?
 Kaise Aayenge Barsaat Ki Bahar ?
 Kaise Bharega Mera Ujda Hua Dill Ka Chaman ?
 Or Kaise Khilenge Fir Se Ye Sadah Bahar ?
 O Kanha Pyaare......

 O Kanha Pyaare Me Teri Kaise Banungi Dulhaniya ?
 Mujhko Paas Bulaale O Kanha Pyaare ,
 Meri Saanson Ki Sargam , Sisakte Rahe Ye Hardum ,
 Taraste Tere Daras Ko Ye Man ,
 O Kanha Pyaare......

 ~ ~ Sadah Bahar ~ ~

Krishna is a name of the Supreme. It means "all- attractive." Anything that might attract you has its source in the Supreme. Therefore the Supreme is also known as Rama. "Rama" means "the highest eternal pleasure". JAI SHRI KRISHNA
 OM NAMAH BHAGWATE WAASUDEVAAYE NAMOH NAMAHA...
 Hare Krishna ♥ Hare Krishn ♥ Krishna Krishna♥ Hare Hare ♥ Hare Ram ♥ Hare Ram ♥ Ram Ram ♥ Hare Hare ♥ Hare Krishna ♥ Hare Krishna ♥ Krishna Krishna ♥ Hare Hare ♥Hare Ram ♥Hare Ram ♥ Ram Ram ♥ Hare Hare ♥ Hare Krishna ♥ Hare Krishn ♥ Krishna Krishna♥ Hare Hare ♥ Hare Ram ♥ Hare Ram ♥ Ram Ram ♥ Hare Hare ♥ Hare ...

~ ~ सावन की यादें ~ ~

 यादों का तराना , लेकर आए है हम ,
 बदला है मौसम , बदली है बहारें ,
 काली घटाए सावन , बादलों की रंगत लाए है ,
 दस्तक दे रही है , रिमझिम सावन की बारिश ,
 बादल जब गरजती है , दिल की धड़कने बड़ जाती हैं ,
 जब तेज़ हवाएं चलती है , तो जान हमारी जाती है ,
 मौसम है बारिश का , और याद सावन के झूले की आती है ,
 रिमझिम बरसे बरखा , चलती पवन खूब मचाये शोर ,
 बारिश की सोंधी खुशबू , मिटटी के संग आती है ,
 बहती है नदी , और नाचता है मोर ,
 कान्हा तुम्हारी बांसुरी की , मधुर धुन मुझको बहुत भाये है ,
 बरखा रानी की सदा बहार , इसी तरह सज धजकर आती है ,
 जो भुलाने से भी न भूले , वही है हमारी सावन की सदा बहार ।

 जय श्री राधे कृष्ण

 ~ ~ सदा बहार ~ ~

 ~ ~ Saavan Ki Yaadein ~ ~

 Yadon Ka Taraana , Lekar Aaye Hai Hum ,
 Badla Hai Mausam , Badli Hai Bahaarein ,
 Kaali Ghataayein Saavan , Baadlon Ki Rangat Laaye Hai ,
 Dastak De Rahi Hai , Rimjhim Saavan Ki Baarish ,
 Baadal Jab Garajti Hai , Dill Ki Dhadakane Bad Jaati Hai ,
 Jab Tez Havaayein Chalti Hai , To Jaan Humaari Jaati Hai ,
 Mausam Hai Baarish Ka , Or Yaad Saavan Ke Jhule Ki Aati Hai ,
 Rimjhim Barse Barkha , Chalti Pavan Khoob Machaaye Shor ,
 Baarish Ki Sondhi Khushboo , Mitti Ke Sang Aati Hai ,
 Behti Hai Nadi Or Naachta Hai Mor ,
 Kanha Tumhaari Baansuri Ki , Madhoor Dhun Mujhko Bahut Bhaaye Hai ,
 Barkha Raani Ki Sadah Bahar , Isi Tarah Saj Dhajkar Aati Hai ,
 Jo Bhulaane Se Bhi Na Bhule , Wahi Hai Humaari Saavan Ki Sadah Bahar.

 Jai Shri Krishna

welcome friends good evening jai shri krishna..

 Green Economy
 Keep your world clean and green.
 Save trees,Save the environment!!
 Clean city,Green city!!
 Happy world environment day
 jai shri krishna.

 अपनी दुनिया को स्वच्छ , हरित और सदा बहार रखें ,
 पेड़ों को काटने से बचाए , पर्यावरण को बचाए ,
 स्वच्छ , हरित और सदा बहार अपने शहर को बनाए रखिये ,
 विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक सुभकामनायें !!

 Apni Duniyaan Ko Swach , Harit Or Sadah Bahar Rakhein ,
 Pedon Ko Kaatne Se Bachaaye , Paryavaran Ko Bachaaye ,
 Sawach , Harit Or Sadah Bahar Apne Sheher Ko Banaaye Rakhiye ,
 Vishva Paryavaran Divas Ki Hardik Subhkaamnaaye !!

......क्यूँ मुस्कुरा रहे हो ?

 कान्हा तुम इतना क्यूँ मुस्कुरा रहे हो ?
 क्या बात है जिसको तुम मुझसे छुपा रहे हो ?
 तुम्हारे दो नैनों का राज़ , ज़रा मुझको बतादो कान्हा ,
 इन निगाहों के रास्ते से किसे घायल कर आये हो तुम ,
 तुम्हारे काले रंग का राज , आज किसपर लूटा आये ?
 तुम्हारे इस काले रंग को , ज़रा मुझको भी उधार दे दो कान्हा ,
 में भी तो देखूं , इस रंग को लगाकर , कितने चाहने वाले होंगे मेरे तुम्हारे जैसे ?
 तुम्हारे रंगीले आँखों की रंगत और होंटों के मुस्कान मुझे कुछ कहना चाहे ,
 अब बता भी दो कान्हा , तुम्हारे नैनों का और होंटों का राज़ !!

 .............सदा बहार.............
 Hare Krsna Hare Krsna Krsna Krsna Hare Hare Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare.

ओल फ्रेंड्स...आप सभी से मेरा निवेदन है....

 किसी प्रकार का कुविचार निकाल कर कान्हा का नाम लेकर अपने दिन की शुरुवात और रात की प्रहार होने तक कान्हा का नाम जपते रहिये , कोई भी इंसान बाहर से भला बुरा दीखता नहीं है ,ऐसा इंसान जिसके अन्दर में बदला का भावना हो वो मीठी मीठी बातों से लोगों के मन में कुविचार फैलाते है , अपने ही देश का बर्बादी करने के लिए एक दुसरे को महा संग्राम के लिये तैयार कर रहे है ,१ और १ ग्यारह होने का वास्ता देकर लोगों के दिमाग में कुप्रथा डाला जा रहा हैं और वो दुष्ट इंसान सब को अखण्ड भारत के निर्माण के लिये प्रतिबद्घ करता है..आप सभी से मेरा निवेदन है.... किसी भी प्रकार का कुविचार शंका अथवा लोभ नहीं करना है इस देश को बर्बाद करने से बचाइये , देश के नागरिक होने के नाते और अपने भारत माँ के संतान होने के वास्ते अपने देश को बचाना हमारा कर्तव्य है , श्री कृष्ण जी के महाभारत के युद्ध का वास्ता देकर गलत प्रचार कर रहा है , और भगवत गीता को दोष ठेहेरा रहे है , किसी भी युद्ध को जीतने के लिये गलत रास्ता मत बनाइये , युद्ध लड़कर कोई अमीर नहीं बनता , नियत को स्वच्छ रखिये , और निः स्वार्थ प्रेम बनाकर रखिये एक दुसरे में , दुनियाँ में कोई छोटा बड़ा नहीं है , कोई अमीर कोई गरीब जनम नहीं लेता , हम अपना करम ही लेकर आते है अमीर गरीब का , मेहनत ही सबका रंग लाती है , जैसा करम करेंगे वैसा ही फल प्राप्त होगा ,

 भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि :

 सुख दुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ ।
 ततो युद्घाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि ।।

 जो पुरूष बिना किसी दुःख दर्द की चिन्ता बिना किये , सुख की प्राप्ति चाहते है वो कभी मनुष्य नहीं हो सकता है , वो तो एक कुरुर पशु के बराबर है , बिना किसी हानि के लाभ की , विजय प्राप्त करना चाहता है ये उसके लिए असंभव है , जीवन ही एक संघर्ष है , जिसे सुख दुःख के साथ खुद को लड़ना पड़ता है , किसी के कहने पर लड़ना युद्ध कहा जाता है जो हमारे हीत के लिए नहीं है , भगवान् श्री कृष्ण जी के आधार पर चलने से ही जीवन में विजय निश्चित है , और देश का भला इसी में है की शांति बनाकर देश को गलत रस्ते और गलत इंसानों से बचाया जाये , न की कहे सुने बातों में आकर अपने ही देश में प्रलय लाया जाये ।

 ॐ नमः भगवते वासुदेवाये नमोह नमः ।

 ~ ~ जय श्री कृष्ण ~ ~

 आप सभी की शुभचिन्तक

 ~ ~ सदा बहार ~ ~

 हैप्पी निर्ज्वाला एकादसी !!

 !!! शुभरात्री !!!

...क्यूँ रूठ जाती रे .......

 राधा रानी क्यूँ रूठ जाती रे ,
 ना हीरा ना मोती ना सोना चाहूं रे ,
 मैं तो केवल राधा तेरा साथ चाहूं रे ,
 ना चन्दा ना सूरज, ना तारा चाहूं रे ,
 मैं तो रानी तेरा सहारा चाहूं रे ,
 दीवना करती है राधा रानी तेरी दो नैनें रे ,
 मैं तो तेरे बातों में खोना चाहूं रे ,
 हर छोटे बातों पर क्यूँ रूठ जाती रे ,
 में तो तेरा प्रेम दीवाना रे ,
 तू बरसाने की राधा रानी रे ।
 जय श्री राधे कृष्ण।.

 ....सदा बहार.....

 .जय श्री राधे कृष्ण
 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण
 हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हर

.........."किस्मत" पर नाज हैं..............


 कोई दौलत पर नाज करते हैं, कोई शोहरत पर नाज करते हैं,
 जिसके साथ हो वृन्दावन के श्री बांकें बिहारी और बरसाने की श्री राधा रानी ,
 वो अपनी "किस्मत" पर नाज करते हैं..!
 ..............सदा बहार ....................
 जय श्री राधे कृष्ण
 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण
 हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

priceless best friend

 There is a gift that is diamond which we can't buy ,
 A blessing that is given by god ,
 And is very much rare and very much true ,
 That is the gift of a wonderful friend ,
 Like the friend that is you ,
 May god gives everybody ,
 A priceless friend like you.
 may god bless u............
 jai shri krishna.. hari hari bol.
 sadah bahar....

...........प्रार्थना......​.........

 हर सुबह प्रार्थना करूँ कान्हा तुमसे ,
 आँखें बंद करूँ तो सुनाई दे मुझे
 तुमारी निर्मल मुधुर शुर ,
 स्वर्ग के किसी द्वार से ,
 और समा जाये ,
 मेरे निर्मल हृदय में ,
 कान्हा तुम्हारा नाम पुलकीत ,
 हो जाए मेरे जीवन में ,
 और फूटती है कृष्ण नाम से ,
 कोमल संगीत बनकर मेरे होठों से ,
 श्री कृष्ण कृष्ण नाम जप्ती चली जाऊं मै ,
 हर सुबह और शाम ।

 .......सदा बहार ......

.....................​..Happy Birthday..................​............

 Little things and little moments of happiness makes our lives pleasant and perfect, so don’t waste this precious time of happy celebration and keep your moral up to bring more and more happiness in life not only today but throughout this year also do not forget kanha...hare krishna hare ram

 Prayers of your parents, relatives and friends are the guarantee that you are loved by the whole world and also lord krishna's blessings are with you and your birthday becomes special when all of these personalities wish you with sweet wishes and gifts. I wish you always remain the star of their eyes.may kanha bless u...jai shri krishna....
 ..........................​......Happy Birthday..................​............

 ..........................​........Sadah Bahar ..........................​....

..कान्हा मैं तेरी जोगन हूँ..

 जब से तुझे देखा है कान्हा ,
 न जाने मुझे क्या हो गया है ,
 हे वृंदावन के बांकेबिहारी ,
 मैं तो तेरी दीवानी हो गई ,

 कान्हा तू मेरी जन्म दाता है ,
 में तेरी पुजारी दासी हूँ ,
 में तेरे दर पे यूँ ही आस लगाके बैठी हूँ ,
 ओ बांके बिहारी जी मेरा सूद बुद कहा खोते जा रहा है ,
 तेरे चौखट पे दिल ये मेरा खो गया है ,
 हे वृंदावन के बांके बिहारी मैं तेरी हो गई ,

 जब से तुझको देखा है मोहन ,
 मेरा भूक प्यास सब मिट गया ,
 तेरे नाम की मोहन भक्ति मिली मुझको ,
 मेरे मुरझाये मन में तेरे नाम के कलिया खिलीं ,
 जो न सोचा कभी था वही हो गया ,
 हे वृंदावन के बांके बिहारी मैं तेरी हो गई ,
 जोगन बनकर आई थी में ,
 अब तेरे नाम पे मगन हो गई में ।
 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे..!

 ............सदा बहार...........

..... बांसुरी की धुन ...................


 कान्हा मुझे भी सिखा दो थोड़ा बांसुरी की मधुर धुन ,
 ये मधुर सूर , ये मधुर गुंजन ,
 कैसे होंटों से निकालते हो तुम ?
 मुझे इतना भाये की सुने बिना रहा न जाए ,
 राधा राधा नाम से मोरे श्याम पुकारे ,
 और में दौड़ी चली आई ।

 .........जय श्री राधे कृष्ण .......................

 .............सदा बहार ............

~ में हूँ तुलसी तुम्हारे चरणों की दासी ~

 मुझे चरणों से लगा ले मेरे श्याम मुरली वाले ,
 मेरी सांस - सांस में तेरा है नाम मुरली वाले ,
 में तुलसी हूँ तेरे चरणों की ,
 भक्तों की तुमने कान्हा हर विपदा है टाली ,
 मेरी भी स्थान सदा अपने चरणों में संभाल लो बांके बिहारी ,
 बिगड़ें बनाये तुमने हर काम मुरली वाले ,
 पतझड़ है मेरी जीवन , में मधुबन की तुलसी हूँ ,
 सुन ले पुकार कान्हा बस एक बार मुझे अपने चरणों में ले ले ,
 बेचैन मन की तुम ही आराम हो मुरली वाले ,
 तुम हो दया के सागर , जन्मों की मैं हूँ तुलसी तुम्हारी प्यासी ,
 दे दो जगह मुझे भी अपने चरणों में बस ज़रा सी ,
 सुबह तुम ही हो , तुम ही मेरे शाम मुरली वाले ,
 तुम्ही ने तो मुझे हर घर के आँगन का शान बनाया है ,
 सुबह शाम दीप जलाने का प्रथा बनाये हो ,
 में हूँ तुलसी तुम्हारे चरणों की दासी ,
 एक बार मुझे अपने चरणों में ले लो कान्हा ।

 ~ ~ जय श्री कृष्ण ~ ~

 ~ ~ सदा बहार ~ ~

Maiya Yashoda Jaisi Maa Har Kisi Ko Mile...Happy Mother's Day To All Friends....

 Maiya Yashoda Se Rishta Aisa Banaya Mene ,
 Jisko Nigaahon Me Jitna Bhi Bithaya Jaye Utna Hi Kam Par Jaye ,
 Rahe Maiya Ka Or Mera Rishta Kuch Aisa Ki ,
 Maiya Agar Udaas Ho To Mujhse Bhi Muskuraya Na Jaye Kabhi ,
 Maiya Ki Yaad Pal Pal Satati Hai ,
 Mere Paas Aa Jaao Na Maiya ,
 Wo Maakhan Mujhe Khilaa Jaao Na Maiya ,
 Thak Gaya Hoon Me Duniyaan Sambhaalte Sambhaalte ,
 Kanhaiya , Kanhaiya Naam Se Ek Baar Pukaar Lo Na Maiya ,
 Mujhe Apne Aanchal Main Chupa Lo Na Maiya ,
 Ungliyaan Apni Pher Kar Mujhe Apne Goud Me Sulaao Na Maiya ,
 Ek Baar Phir Se Bachpan Ki Loriyaan Sunaao Na Maiya !!
 Jai Shri Krishna

 sadah Bahar

 मइया यशोदा जैसी माँ हर किसी को मिले...Happy Mother's Day टू ओल फ्रेंड्स....

 मइया यशोदा से रिश्ता ऐसा बनाया मैने ,
 जिसको निगाहों में जितना भी बिठाया जाए उतना ही कम पड़ जाए ,
 रहे मइया का और मेरा रिश्ता कुछ ऐसा की ,
 मइया अगर उदास हो तो मुझसे भी मुस्कुराया न जाए कभी ,
 मइया की याद पल पल सताती है ,
 मेरे पास आ जाओ न मइया ,
 वो माखन मुझे खिला जाओ न मइया ,
 थक गया हूँ में दुनिया संभालते संभालते ,
 कन्हैया , कन्हैया नाम से एक बार पुकार लो न मइया ,
 मुझे अपने आँचल मैं छुपा लो न मइया ,
 उंगलियाँ अपनी फेर कर मुझे अपने गोद में सुलाओ न मइया ,
 एक बार फिर से बचपन की लोरियां सुनाओ न मइया !!

 जय श्री कृष्ण

...................आँखें..​..................

 जब दो आँखें चार हुई थी मेरे कान्हा मुरलीधर से ,
 तब आँखों में आंसूं यूँ ही छलक आ गई ,
 निग़ाहों में फिर से वो मंजर लहरा जाती है ,
 जब मैं मुरलीधर से दुबारा मिली थी अकेली वीरान वृन्दावन के तट पे ।

 ...जय श्री राधे कृष्ण ...........

 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
 हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

 .............सदा बहार .....................

.........कर्मों .............

 ना मैं जप जानूं ना मैं तप जानूं कान्हा
 तेरे चरणों में ध्यान लगाईं जाऊं,
 तो में तर जाऊं कान्हा
 पाप कर्मों का बोझ तडपाये
 नाम जपने से मन ये घबराये
 श्रद्धा सबुरी का ज्ञान मिल जाए
 तो में तर जाऊं,कान्हा
 हरी हरी नाम जपु नित्य दिन
 हरी कृष्ण हरी कृष्ण कृष्ण कृष्ण
 हरी हरी हरी राम हरी राम राम राम
 हरी हरी

 .......सदा बहार ........

Why does lord krishna keeps peacock feather on his head ?

 Mor pankh ka arth hai sabhi doston ka , darshakon aadiyon ko har pal ek hi jagah me seemeet rakhna....isi mor pankh ko unhone isliye dharan kiya q ki mor ek aisa pakshi hai jo 7 indradhanushi rang liye bana hai or to or ye mushkil se dikhta hai...isi tarah shri krishna bhi hai or apna sara shrigaar ko tyaag kar ke unhone mor pankh ko apnaaya taaki iss jagat ke saare dost , darshak aadiyon ko ek samaan pyaar , aadi milte rahe...

 One more thing.....

 The peacock feather contains all the seven colours in it. The entire universe is covered by akasha(ether) which appears blue in day times and black in night. So lord Krishna is identified by both the colours 'Blue' & 'Black'. Krishna paksha in Indian calender means the days that follow after Full-moon day till the New-moon day i.e, the darker phase of 14 days of the moon.

 Further, he wears the peacock feather which signifies that the entire range of colours (we mortal beings) is in him. In virtue he is colourless but in the day he appears blue, black in the night to our vision and in between make us discuss all this multi-coloured multi-perceptional views.

 Jai Shri Krishna....

 Sadah Bahar